वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Sunday, August 30, 2009

पहली कविता


बीता हुआ भविष्य



©

Tuesday, August 25, 2009

गते गते









गते गते
पारगते
पारसंगते
बोधि स्वाहा

(प्रज्ञापारमिताहृदय)


photo © mrana