वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Saturday, September 24, 2016

'तीसरा पहर' कविता का नेपाली अनुवाद । Translation of poem 'Teesara Pahar' [After Midnight] in Nepali

तेस्रो प्रहर

- मोहन राणा

धेरै टाढा मैले ताराहरुलाई देखेँ
जति टाढा म
तीनले देखे यस पलमा
टिमटिमाउँदो अतितको पल
अध्यारोको असीमतामा
विहानलाई पच्छ्याउँदै रातमा
यो तेस्रो प्रहर

म निर्णय गर्न सकिरहेको छैन
के म बाँचिरहेको छु जीवन पहिलोपटक
अथवा यसलाई बिर्सेर बाँचेको कुरा दोहर्याउँदै जाँदैछु
सासको पहिलो पललाई नै सधैँ ।

के माछाले पनि पानी पिउँदछ होला
वा सूर्यलाई पनि लाग्दछ गर्मी
के उज्यालोले पनि कहिले काहीँ देख्दछ होला अंधकार
के वर्षा पनि सँधै भिजिरहन्छ होला
के म जस्तै सपनाले पनि प्रश्न सोध्दछ होला निद्राको बारेमा

टाढा टाढा धेरै टाढा पुगेको छु म
जब मैले ताराहरुलाई देखेँ धेरै नजिक
आज पानी परिरह्यो दिनभर
अनि शब्दहरु पखालिए तिम्रो अनुहारबाट ।

[हिन्दी से नेपाली अनुवादः कृष्ण बजगाईं]

( मूल हिन्दी में कविता)

तीसरा पहर

मैंने तारों को देखा बहुत दूर
जितना मैं उनसे
वे दिखे इस पल में
टिमटिमाते अतीत के पल
अँधेरे की असीमता में,
सुबह का पीछा करती रात में
यह तीसरा पहर

और मैं तय नहीं कर पाता
क्या मैं जी रहा हूँ जीवन पहली बार,
या इसे भूलकर जीते हुए दोहराए जा रहा हूँ
सांस के पहले ही पल को हमेशा

क्या मछली भी पानी पीती होगी
या सूरज को भी लगती होगी गरमी
क्या रोशनी को भी कभी दिखता होगा अंधकार
क्या बारिश भी हमेशा भीग जाती होगी,
मेरी तरह क्या सपने भी करते होंगे सवाल नींद के बारे में

दूर दूर बहुत दूर चला आया मैं
जब मैंने देखा तारों को - देखा बहुत पास,
आज बारिश होती रही दिनभर
और शब्द धुलते रहे तुम्हारे चेहरे से


(रेत का पुल, 2012)



{English Translation}


After Midnight

I saw the stars far off -
as far as I from them:
in this moment I saw them -
in moments of the twinkling past.
In the boundless depths of darkness,
these hours
hunt the morning through the night.

And I can't make up my mind:
am I living this life for the first time?
Or repeating it, forgetting as I live
the first moment of breath every time?

Does the fish too drink water?
Does the sun feel the heat?
Does the light see the dark?
Does the rain too get wet?
Do dreams ask questions about sleep as I do?

I walked a long, long way
and when I saw, I saw the stars close by.
Today it rained all day long and the words were washed away
from your face.
[Translation from Hindi by Lucy Rosenstein & Bernard O’Donoghue]